“क्या है अपने भीतर.........
न तू जाने, न मैं जानूं..
मन कभी इस ओर तो कभी उस ओर..
दिल की जुबां न तू समझे, न मैं समझूं..
पता नहीं कौन से गुण-अवगुण हैं भीतर..
गुण तो कोई न जाने, पर अवगुण सब जानें..
अपनों के होने का पता सिर्फ़ वफ़ादारी और विश्वास से चले..
पर फ़िर दूसरों के शब्दों पर अपनों से ज्यादा एतबार क्यों..??
जब वहीं इन्सान सामने हो..तो कुछ अच्छा नहीं..
पर जब दूर हो जाये तो उसी की याद क्यों..??
जब अपने की ही हर बात में कमी दिखे..
तो दूसरा अच्छा कैसे लगे..??
पर क्यों हरदम दूसरे की ही जिन्दगी अच्छी लगे.??
अपने हमेशा रहते हैं साथ में..
पर फ़िर उसी के लिये शर्तों की जिन्दगी निर्धारित करें.. क्यों..??
सबके हिसाब से चलते-२ थक गयी जिन्दगी..
अब तो अपने दिल की बात को सुनें..
सुनी सबकी हर पल और अभी तक..
अब तो अपने से कोई पहला फ़ैसला कर लें...
कभी अपनों के लिये तो कभी पैसों के लिये जी ये जिन्दगी..
अब कम से कम एक दिन तो मन के मुताबिक जी लें..
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सोमवार, 26 सितंबर 2016
स्वतंत्रता की परिभाषा
पहरा
“रोक ले कोई मुझे...
बह न जाऊं लहरों के साथ..
जल्दी लगा दो पहरा..
तोड़ न दूं मैं कोई किनारा..
जैसे चलती है हवा हर तरफ़..
बदल जाती है तूफ़ान में अक्सर...
बस ऐसे ही कुछ हो रहा है मेरे साथ..
ऐसे मन है बात करता...
जब उमंगें और विश्वास ठहर है जाता..
फ़िर समाज हो या रीति-रिवाज..
धर्म हो या जांत-पांत..
सब है धरा का धरा...
काश! सब हो जायें ऐसे..
तो हो जाये यहीं जन्नत का एहसास..
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बेटी बहु
"एक ही हैं बहू और बेटी,
पर फिर क्यों लगती परायी बेटी,
क्यों बचपन से सिखाते उसको यहीं,
क्यों कहते हैं कि ये घर तुम्हारा है नहीं,
जाना है तुमको अपने घर,
जब सुनती यहीं बातें सबसे एक बेटी,
तो दूसरे घर में भी वो रहती परायी,
न हो पाती वो अपने घर की,
और न ही वो बन पाती दूसरे घर की,,
इसी असमंजस में उसकी जिंदगी निकल जाती,
पर कौन सा है उसका घर,
ये कभी नहीं समझ पाती😢
बहू को बेटी मानने वाले तो हैं बहुत,
पर बेटी की तरह ही अपनाने वाले नहीं हैं,
बेटी से तो नहीं छुआते किसी के पैर,
पर बहू बनकर ही पैर छुआई बन जाती है रस्म😢
बेटी से तो नहीं होता कोई पर्दा,
पर बहू सर ढककर चले,
यहीं बन जाती है परम्परा,
कहाँ है वो बहू में बेटी😢
कहने में है बहुत आसान,
पर वास्तव में कोई एक भी करके दिखा दे,
यहीं है मेरा अरमान,☺
काश! वो दिन जल्दी आये,
जब मण्डप से ही बहू नहीं,
बल्कि बेटी घर लायें,
दिल से लगाकर रखें,
सबके पैर छुआने में न लगा दें,
सबसे दिल खोलकर कहें कि ये बेटी है,
इसलिये किसी के पैर नहीं छुएगी☺
काश! वो दिन जल्दी ही आये!"
रविवार, 25 सितंबर 2016
गोल गप्पे
गोल गप्पे का तीन तरह का पानी बनाने की आसान रेसिपी
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गोलगप्पे का पानी बनाना आपको बहुत मुश्किल काम लगता होगा, लेकिन यह रेसिपी आपका ये काम आसान कर देगी
सामग्री
आम की सूखी खटाई - 50 ग्राम (भीगो कर ली हुई)
हरा धनिया - 100 ग्राम
हरी मिर्च - 6-8
काली मिर्च - ½ छोटी चम्मच
अदरक - 1.5 छोटी चम्मच (पेस्ट)
सूखा पुदीना पाउडर - 2 छोटी चम्मच या एक छोटा बन्च ताजा पोदीना की पत्ती
विधि - आम की खटाई का पल्प बनायें:
आम की खटाई को साफ पानी से धोकर 3 घंटे के लिए पानी में भीगो कर रख दीजिए, इससे यह नरम हो जाती है। खटाई को मिक्सर जार में डाल कर बारीक पेस्ट बना लीजिए। पेस्ट को छान लीजिए। छानने के बाद छलनी के ऊपर जो खटाई के रेशे रह जायेंगे वो हटा दीजिये और पल्प को प्याले में रख लीजिये।
हरे धनियां और मसालों का पेस्ट बनाने के लिये:
हरे धनिया को साफ करके इसकी डंडियां हटा कर साफ पानी से धो लीजिए और छलनी में रख कर सारा पानी निकल जाने दीजिये, धनिये को मोटा मोटा काटकर, मिक्सर जार में डाल दीजिए, साथ ही हरी मिर्च, काली मिर्च, अदरक का पेस्ट या डेड़ इंच अदरक का टूकडा बड़े टुकड़े में काटकर ले सकते हैं, पुदीना पाउडर और थोडा़ सा पानी डालकर बारीक पेस्ट बना कर प्याले में निकाल लीजिए।
बेसिक मसाले तैयार हो गये हैं
1. गोलगप्पा तीखा खट्टा पानी
खटाई का पेस्ट - 4 छोटी चम्मच
धनिया मसाला पेस्ट - 3 - 4 छोटी चम्मच
काला नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
नमक - ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार
भूना जीरा पाउडर - 1 छोटी चम्मच
विधि -
स्पाइसी (तीखा) खट्टा पानी बनाने के एक बड़ा प्याला लीजिए इसमें आम की खटाई का पेस्ट और हरा धनिया मसाला पेस्ट डाल दीजिए, अब इसमें 1 लीटर पानी डाल दीजिए और मिला दीजिए। अब काला नमक, सादा सफेद नमक और भूना जीरा पाउडर डाल कर सारे मसालों को अच्छे तरह मिलने तक मिला लीजिए। स्वादिष्ट स्पाइसी खट्टा पानी बनकर तैयार है।
2. खट्टामिट्ठा गोलगप्पा पानी
आम की खटाई का पेस्ट - 4 छोटी चम्मच
धनिया मसाला पेस्ट - 2 -3 छोटी चम्मच
भूना जीरा पाउडर - 1 छोटी चम्मच
काला नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
नमक - ½ छोटी चम्मच या स्वादानुसार
चीनी - ½ कप (100 ग्राम)
सौंफ पाउडर - 1 छोटी चम्मच
छोटी इलाइची पाउडर - ½ छोटी चम्मच
विधि -
मीठा पानी बनाने के एक अन्य बड़ा प्याला लीजिए इसमें आम की खटाई का पेस्ट और हरा धनिया मसाला पेस्ट डाल दीजिए, अब इसमें भूना जीरा पाउडर, काला नमक, सादा सफेद नमक, चीनी, सौंफ पाउडर, इलायची पाउडर और 1 लीटर पानी डाल कर सारे मसालों को अच्छी तरह मिलने तक, चीनी के पानी में घुल जाने तक मिलाए। स्वादिष्ट मीठा पानी बनकर तैयार है।
3. नींबू हींग वाला पानी
नींबू - 2
हींग - 1 पिंच से थोड़ी ज्यादा
धनिया मसाला पेस्ट - 2-3 छोटी चम्मच
काला नमक - 1 छोटी चम्मच या स्वादानुसार
भूना जीरा पाउडर - 1 छोटी चम्मच
नमक - ½ छोटी चम्मच से कम या स्वादानुसार
विधि
नींबू का हींग वाला पानी बनाने के लिए नींबू का रस प्याले में निकाल लीजिए, नींबू के रस में हींग डाल कर अचछी तरह मिला दीजिए। अब इसमें धनिया मसाला पेस्ट, काला नमक, भूना जीरा पाउडर, सादा नमक डालकर मसालों को अच्छी तरह मिला दीजिए। अब इस मसाले में 1 लीटर पानी डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिए। स्वादिष्ट नींबू हींग वाला पानी बनकर तैयार है।
गोल गप्पों के लिए तीन तरह के पानी बनकर तैयार हैं अब इन पानी में आप थोड़ी-थोड़ी बूंदी डाल कर इन्हें सजा सकते हैं इससे पानी दिखने में भी अच्छा लगता है और इसका स्वाद भी बढ़ जाता है।