चुभन आँखों के रास्ते दिल में उतर जाती है, बनके लहू फिर वो आँखों से बह जाती है, दर्द सहकर सदा चुप रह जाने वालों से भी गलतियां हो जाती है, कभी कभी दिल की बात होठों पर भी आ जाती है।
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